अगर झड़ते हैं आपके बाल

काले, घने व चमकीले बाल होना सभी का चाहत होती है। वैसे भी, साफ्ट, घने व खिले-खिले बाल ही इनके हेल्दी होने की निशानी हैं। अगर आपके बाल ऐसे नहीं हैं, तो आपको बालों की बहुत ज्यादा देखभाल करने की जरूरत है। यह कहा जाता है कि अगर आपके रोजाना 100 बाल टूटते हैं, तो यह नॉर्मल है, क्योंकि इसकी जगह नए बाल आ जाते हैं। खैर, बाजार में ऐसे कई प्रॉडक्ट्स आ रहे हैं, जिनसे बालों का झड़ना रोका जा सकता है।

बाल झड़ने की खास वजह

आप अगर हेल्दी बाल चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने बालों से प्यार करना सीखें। इसके लिए आपको अपनी डाइट और सेहत एकदम फिट रखनी होगी। आप इसके लिए रोजाना बालों में अच्छी तरह कंघी करें। इसके अलावा, शैंपू, कंडिशनर और अन्य प्रॉडक्ट्स भी यूज करें। इससे बालों का झड़ना, बाल पतले होना, डैंड्रफ, दोमुंहे बाल व उम्र से पहले बालों का सफेद होने जैसी प्रॉब्लम्स से निपटा जा सकता है।

वैसे, आज कई लोग बालों के खराब होने की समस्या से जूझ रहे हैं। दरअसल, इसकी मुख्य वजह हमारा मॉडर्न लाइफस्टाइल व खराब डाइट है। इसके अलावा, स्ट्रेसफुल लाइफ भी मुख्य वजह है। अगर आपके बाल इसी रफ्तार से गिरते रहें, तो वह दिन दूर नहीं, जब आप गंजेपन का शिकार हो जाएंगे। फोलिकल्स के ब्लॉक होने से भी बाल गिरने व पतले होने लगते हैं। दरअसल, इस स्थिति में बालों को सही पोषण नहीं मिल पाता, जिससे इनकी जड़ें कमजोर हो जाती हैं और बाल झड़ने लगते हैं।

ये हैं मुख्य कारण

– प्रेग्नेंसी व बच्चे के जन्म के बाद जेनेटिक व हारमोंस का असंतुलित होना।

– हेल्दी डाइट न लेना।

– यूवी रेडिएशन जैसे एक्स रे व रेडियोथेरपी।

– मेडिकेशन

– केमिकल्स

– इमोशनल स्ट्रेस

– मौसम व पानी का बदलना

– मेडिकेटेड शैंपू

– डैमेज बाल

– स्ट्रेस का सीधा असर बालों पर पड़ता है। अगर आप तनाव में हैं, तो आपके बाल 2 से 3 महीने तक झड़ सकते हैं। वहीं कोई मेजर सर्जरी, इंफेक्शन और लंबे समय तक बीमार होने पर भी बाल गिरने लगते हैं। अगर अचानक हारमोन लेवल चेंज हो गया है जैसे प्रेगनेंसी या फिर बच्चे के जन्म के बाद भी बरल गिरने लगते हैं। इन सिचुएशन में बाल झड़ने की प्रोसेस बहुत कम समय के लिए होती है। अगर आप सही मेडीकेशन व पोषणयुक्त शैंपू लगाते हैं, तो स्कैल्प की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है।

– बालों को टाइट बांधना, हॉट रोलर्स व ब्लो ड्रायर व आयरन के ज्यादा इस्तेमाल करने से भी बाल डैमेज हो जाते हैं।

– अगर आप स्ट्रॉन्ग कैमिकल वाले प्रॉडक्ट यूज करते हैं जैसे ब्लीचिंग, पर्मिंग और हेयर कलरिंग। इससे बाल गिरने व पतले हो जाते हैं।

– वहीं थायरॉयड डिस्ऑर्डर, खसरा, जॉन्डिस, न्यूट्रिशन संबंधी प्रॉब्लम या आयरन, जिंक व बायोटिन की कमी से भी बालों की समस्या हो सकती है।

– वहीं कई पुरुषों व महिलाओं में अनुवांशिक पैटर्न के कारण भी गंजापन हो जाता है। इसमें ज्यादातर फ्रंट व टॉप के बाल झड़ते हैं। यह पुरुषों में किसी भी उम्र में हो सकता है। वैसे, यह ज्यादातर जेनेटिक, हार्मोंस चेंज होने व उम्र बढ़ने के साथ होता है।

– इसके अलावा उम्र बढ़ने के साथ भी पुरुष व महिलाओं के बाल झड़ने लगते हैं। वैसे देखा गया है कि 30 साल के बाद पुरुषों में महिलाओं के मुकाबले तेजी से बाल गिरते हैं।

नेचरल केयर

बालों को हेल्दी बनाने में हीलिंग सबसे बेस्ट तरीका है। वैसे भी, आयुवेर्द के जरिए बालों की सभी तरह की प्रॉब्लम से निपटा जा सकता है। कई लोग बालों का सही से इलाज नहीं करवाते, जिसके कारण उनके बाल पतले हो जाते हैं और झड़ने लगते हैं। दरअसल, आयुर्वेद हमारे लाइफ स्टाइल व मेंटल एटिट्यूड को बेहतर बनाता है। आयुर्वेद में बालों का पूरा इलाज है, जो सभी तरह की प्रॉब्लम को तरीके से सॉल्व कर देता है।

आयुर्वेद के सभी प्रॉडक्ट में प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ प्राकृतिक चीजें इस प्रकार हैं-

– एक्लिप्टा लिकोराइस- इसमें बालों के गिरने के कारणों का पता लगाया जाता है और बालों की ग्रोथ बढ़ाई जाती है।

– चिकपिया एंड इंडियन गूसबेरी- इसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन व विटामिन होते हैं।

– बूटी फ्रॉन्डोसा- इससे बालों की लंबाई बढ़ती है।

– पॉन्गमिया पिनेटा – यह नेचरल एंटी फंगल है।

इन बातों का ध्यान रखें

– बालों को धूप से बचाएं।

– बालों को बहुत गर्म पानी से ना धोएं।

– नेचरल व एंवॉयरमेंट फ्रेंडली तेल, शैंपू व मॉइश्चराइजर इस्तेमाल करें। इन्हें बालों की जड़ में अच्छे से लगाएं।

– आप हेयर फ्रेंडली डाइट लें। इस डाइट में प्रोटीन, आयरन, जिंक, सल्फर, विटामिन सी, विटामिन बी व एसेंशल फैटी एसिड शामिल करें।

अगर आप इन बातों का ख्याल रखेंगे, तो कुछ ही दिनों में आपके भी काले, घने व चमकीले बाल होंगे।

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