जब बालों की बगिया में आ जाए पतझड़

रेशमी जुल्फों को लेकर इतना कुछ लिखा, कहा और सुना गया है कि सिर से बाल कम होते ही चिंता सताने लगती है। ऐसे में शुरू होती है घरेलू तरीकों चंपी और तमाम बाल बढ़ाने के दावों के पीछे भागने की कवायद। क्या हो सकती हैं बाल झड़ने की वजहें और इस स्थिति का सामना करने के तरीके क्या हैं?

बाल झड़ने की वजहें

जनेटिक: बालों की ग्रोथ में हॉरमोन्स का सबसे अहम रोल होता है। जब शरीर का हॉरमोन लेवल बढ़ता है तो बाल झड़ सकते हैं।

इन्फेक्शन : फंगल इन्फेक्शन की वजह से कई बार सिर पर सिक्के के आकार का गोल घेरा बन जाता है और वहां से बाल गायब हो जाते हैं। बरसात के दिनों में गीले बालों को ठीक से न पोंछने पर भी फंगल इन्फेक्शन हो सकता है। इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारी एलोपीसिय एरिएटा में भी सिक्के के आकार में बाल गायब होने लगते हैं। डैंड्रफ को भी एक किस्म का फंगल इन्फेक्शन ही माना जाता है।

कुछ बीमारियां: कैंसर और टाइफॉइड जैसी बीमारियों के दौरान भी बाल झड़ने लगते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में बीमारी से निजात पाने के बाद बालों की ग्रोथ सामान्य हो जाती है। कैंसर में की जाने वाली कीमोथेरपी के दौरान मरीज को जो दवाएं दी जाती हैं, वे बालों की कोशिकाओं की ग्रोथ को रोक देती हैं। कैंसर सेल के साथ-साथ इसका असर बालों की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार सेल्स पर भी पड़ता है।

पल्यूशन और स्ट्रेस: चिंता बालों को गंवाने की एक अहम वजह है। स्ट्रेस की कई वजहें हो सकती हैं। जॉब की टेंशन, किसी करीबी की बीमारी या मौत या फिर कोई और बात। पल्यूशन की वजह से भी बालों की सेहत खराब होती है, जिसका नतीजा बालों के पतझड़ के रूप में सामने आता है। इसके अलावा, बिना डॉक्टर की सलाह के डाइटिंग करने से भी बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं।

बाल नोचने की बीमारी: कई लोगों को बाल नोचने की बीमारी लग जाती है। यह एक तरह का नर्वस डिसऑर्डर होता है। ऐसी हालत में व्यक्ति सोचते-सोचते अपने बाल नोचता रहता है। इस बीमारी को ट्राइकोटिलोमीनिया कहते हैं। इसकी वजह से भी बाल कम होने लगते हैं।

बालों को खींचकर बांधना: सिख पगड़ी बांधने के लिए बालों को खींचकर पीछे की तरफ बांधते हैं। इसी तरह नीग्रो भी एक खास पैटर्न में बाल संवारते हैं। बालों को संवारने के इस प्रोसेस में बालों की आपसी रगड़ होती है और इसकी वजह से ही बालों का झड़ना शुरू हो जाता है। इस स्थिति को ट्रैक्शनल एलोपेसिया कहते हैं।

स्टाइल की मार: फैशन के चक्कर में लोग अपने बालों में कभी कलर करते हैं, तो कभी स्ट्रेटनिंग। अक्सर आयर्निंग के जरिए भी उन्हें आकर्षक बनाने की कोशिश की जाती है। जेल का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। इन सभी वजहों से बालों की बाहरी सतह यानी क्यूटिकल प्रभावित होती है। बेहतर है कि इनका यूज न किया जाए या कम और सावधानीपूर्वक किया जाए।

ड्रग्स की वजह से: कुछ मामलों में ड्रग्स की वजह से भी बाल झड़ते हैं। कलेस्टरॉल घटाने वाली दवाएं, पार्किंसन, आर्थराइटिस और अल्सर के इलाज में दी जाने वाली दवाएं, विटामिन ए से बनी कुछ दवाएं, हाई ब्लडप्रेशर रोकने वाली बीटा ब्लॉकर दवाएं, एंटीकॉगुलैंट्स, ऐन्टीथायरॉइड एजेंट्स की वजह से भी बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं।

कॉमन मिथ और फैक्ट्स

1. हर्बल शैंपू में डिटर्जन्ट नहीं

जो शैंपू झाग देता है, उसमें डिटर्जन्ट जरूर होता है। हर्बल शैंपू भी इसका अपवाद नहीं है। दरअसल, बिना डिटर्जन्ट के झाग बनता ही नहीं है। महज शिकाकाई या रीठा की कुछ बूंदें डालने से चीजें नहीं बदलतीं। डिटर्जन्ट से बचना है तो रीठा, शिकाकाई और मेंहदी का मिक्सचर घर में बनाकर लगाएं।

2. रोजाना तेल लगाने से मजबूत बाल

तेल बालों को भारी और गंदा बनाते हैं। तेल की वजह से बालों की तरफ धूल ज्यादा आकर्षित होती है। इसलिए नहाने के बाद तेल लगाने का कोई फायदा नहीं है। इसके अलावा तेल लगाने से बाल लंबे होने की बात भी गलत है।

3. ऐक्स्ट्रा प्रोटीन वाले शैंपू का यूज

कई शैंपू ऐक्स्ट्रा प्रोटीन होने का दावा करते हैं। समझने की बात यह है कि बाल धोने के दौरान शैंपू का प्रोटीन बालों के अंदर नहीं समाता है। इसका काम सिर्फ बालों की बाहरी सतह यानी क्यूटिकल को साफ करने तक ही सीमित रहता है। बालों को प्रोटीन की जरूरत है, लेकिन वह खुराक से मिलता है।

4. तेल लगाकर बाल धोने से नहीं झड़ते

कई लोगों को लगता है कि तेल लगाकर बाल धोने से बाल मजबूत होते हैं, लेकिन यह सही नहीं है। दरअसल, बालों की सेहत कैसी होगी, उनकी उम्र क्या होगी जैसी बातें जनेटिकली तय होती हैं। अच्छे खानपान से बाल स्वस्थ होते हैं, लेकिन तेल लगाकर बाल धोने वाली बात में दम नहीं है।

5. गंजे होने या बाल कटाने से ग्रोथ तेज

कई लोग बाल झड़ते देख गंजे हो जाते हैं या अपने बालों को बहुत छोटा करा देते हैं। उन्हें लगता है कि जब बाल छोटे होंगे या होंगे ही नहीं तो उनका झड़ना कम हो जाएगा और नए बालों में झड़ने की समस्या नहीं आएगी। लेकिन यह सोच बिल्कुल गलत है। गंजे होने का बालों के झड़ने पर कोई असर नहीं होता।

6 शैंपू का कॉन्टैक्ट टाइम

अमूमन लोग शैंपू को या तो लगाकर तुरंत धो देते हैं या फिर काफी देर तक लगाए रहते हैं। उन्हें लगता है कि ज्यादा देर लगाने से फायदा होगा। लेकिन सचाई यह है कि शैंपू का कॉन्टैक्ट टाइम तकरीबन पांच मिनट का होना चाहिए, न इससे कम न ज्यादा। इससे गंदगी साफ होने के लिए वक्त मिल जाता है।

7. तेल से दूर होता है डैंड्रफ

युवावस्था में हॉरमोन लेवल में बदलाव की वजह से सिर की स्किन तैलीय हो जाती है और इस वजह से डैंड्रफ होने लगती है। लोगों को लगता है कि बालों में तेल लगाने से डैंड्रफ की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन वास्तव में ऐसा होता नहीं है। तेल का डैंड्रफ से कोई लेना-देना नहीं है।

8. जल्दी-जल्दी धोने पर बाल टूटेंगे

सिर को गंदा रखने पर ज्यादा बाल झड़ते हैं, जबकि रोजाना शैंपू करने पर कम। रोजाना एक तय मियाद में बाल गिरते हैं। अगर कई दिन बाद बाल धोए जाएंगे, तो भी उतने ही बाल गिरेंगे। ऐसा संभव है कि पहली चंपी के दौरान ही बाल टूट जाएं और शैंपू के दौरान हाथ में कम बाल आएं।

क्या करें कि बाल झड़ें ही नहीं

सही खुराक
दिन भर में कम-से-कम 12 गिलास पानी पिएं।

बाल प्रोटीन से बने होते हैं, इसलिए खाने में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीनयुक्त पदार्थ होने चाहिए। हरी सब्जियां, रेशेदार फल, दूध और मीट खासतौर पर मछली में प्रोटीन की बहुतायत होती है।

शरीर में आयर्न की कमी से भी बाल झड़ने लगते हैं। इसलिए खाने में आयर्न की भरपूर मात्रा होनी चाहिए। पालक जैसी आयर्न युक्त साग-सब्जी खाएं।

विटामिन ई बालों को बढ़ाने में मददगार होता है, इसलिए विटामिन ई युक्त खाना खाएं।

जिंक की अधिकता वाला खाने खाएं। जिंक बालों को झड़ने और सफेद होने से रोकता है।

विटामिन सी बालों की जड़ों को ब्लड सप्लाई करने वाली नलिकाओं की हेल्थ के लिए जिम्मेदार होता है।

कॉपर की अधिकता वाला खाना, मसलन काजू, बादाम, दूध और बींस भी बालों के लिए फायदेमंद है।

धोने का तरीका
सबसे पहले बालों को कंघी से संवारें ताकि उनके बीच किसी भी तरह की गांठ न रहे। ऐसा करने पर बालों के उलझकर टूटने की गुंजाइश कम हो जाती है।

बालों को हल्का गीला करें और फिर हल्के हाथों से शैंपू लगाएं। शैंपू को इस तरह अप्लाई करें कि वह बालों की जड़ों से लेकर पूरे बाल पर लग जाए। और फिर इसी अंदाज में नीचे से ऊपर तक हाथ मूव कर झाग पैदा करें। मतलब झाग बनाते या बालों को रगड़ते समय उन्हें उलझाएं नहीं या आपस में अनावश्यक रूप से न रगडें।

– बालों को दो से तीन मिनट तक झाग से साफ करने के बाद पानी से धोएं। ध्यान रखें कि सिर की सतह पर जरा सा भी शैंपू बाकी न रहे। इसका एक तरीका यह है कि कम-से-कम मात्रा में शैंपू इस्तेमाल किया जाए।

शैंपू करने के बाद अमूमन लोग कंडिशनर का यूज नहीं करते। उन्हें लगता है कि इससे बाल कमजोर हो जाते हैं। यह धारणा गलत है। कंडिशनर बालों के पोषण चक्र को पूरा करने में मदद करता है। इसकी वजह से बालों की चमक बनी रहती है। कंडिशनर लगाते समय ध्यान रखें कि यह सिर की सतह यानी त्वचा में न जाए। इससे बालों को नुकसान पहुंचता है।

लगाने के एक मिनट बाद कंडिशनर को अच्छी तरह से धो डालें। इसमें शैंपू से भी ज्यादा सावधानी बरतें।

गीले बालों को न तो बहुत तेजी से झटक कर सुखाएं और न ही तौलिए से रगड़कर पोंछें। ध्यान रखें कि इस स्टेज में बाल सबसे ज्यादा सॉफ्ट और कमजोर होते हैं। बाल धोने के बाद उन्हें तौलिए से हल्के से साफ करें या तौलिए को बांधकर छोड़ दें। कुछ देर में पानी सोख लिया जाएगा।

– बारीक दांतों वाली कंघी इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। गीले बालों पर भी कंघी करने से बचना चाहिए।

कैसे करें चंपी
सभी डॉक्टरों का एक मत से मानना है कि बालों की ग्रोथ और पोषण में तेल का कोई खास योगदान नहीं होता। उनके मुताबिक चंपी करने से सिर में ब्लड सर्कुलेशन कुछ बेहतर हो जाता है। इसके अलावा तेल सिर्फ गंदगी खींचने का ही काम करते हैं।

नहाने से कुछ देर पहले तेल लगाया जा सकता है। यह एक तरह की कंडिशनिंग का काम करता है, लेकिन ऐसे में शैंपू ज्यादा इस्तेमाल करने का सीन बनता है, जिसके अपने रिस्क हैं।

– चंपी के लिए किसी भी तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। चंपी हल्के हाथ से हो तो बेहतर है, वर्ना शेडिंग की स्टेज में पहुंच चुके बाल और तेजी से टूटने लगते हैं। इसलिए आगे से किसी तेल के जरिए बाल बढ़ने के दावों से सावधान रहें।

अगर बाल झड़ने लगें तो क्या करें

किसी सर्टिफाइड डर्मटॉलजिस्ट से कंसल्ट करें।

खुराक और स्ट्रेस लेवल पर ध्यान दें।

बाल बढ़ाने वाले तेल और क्रीमों के चक्कर में पड़ने के बजाय बेसिक बातों पर ध्यान दें।

शैंपू का ठीक से इस्तेमाल करें। बालों को गंदा न छोड़ें।

यहां से करेंगे शुरुआत

इंसान के सिर पर एक से डेढ़ लाख तक बाल होते हैं। बालों की तीन स्टेज होती हैं। ये हैं ऐक्टिव या ग्रोइंग, रेस्टिंग और शेडिंग। यानी लंबे अर्से के लिए बाल बढ़ते हैं, फिर कुछ महीनों के लिए उनकी बढ़त थम जाती है और फिर वे झड़ जाते हैं और उनकी जगह नए बाल उगने शुरू होते हैं। बालों के ऐक्टिव फेज का मतलब उस वक्त से होता है, जिसमें बाल ग्रो करता है। यह जनेटिकली तय होता है। लंबे बालों वाली महिलाओं के मामले में यह आठ से दस साल तक हो सकता है, जबकि जिन्हें बाल न बढ़ने की शिकायत रहती है, उनके मामले में यह 2 साल तक हो सकता है।

ऐक्टिव फेज के बाद बाल गिर जाते हैं। इसी प्रोसेस की वजह से रोजाना 50 से 100 तक बाल गिरते हैं। अगर इतने बाल रोजाना गिर रहे हैं तो चिंता की बात नहीं है, लेकिन जब हर जगह बाल गिरते नजर आने लगें तो जरूर कोई समस्या है। मसलन सुबह तकिये पर काफी बाल दिखें, जहां भी कुछ वक्त के लिए बैठें, वहां बाल नजर आएं या बाल इतने पतले हो जाएं कि सिर की खाल नजर आने लगे।

हॉरमोन का मसला

महिलाएं हॉरमोन के मामले में कुछ भाग्यशाली होती हैं। उनके बालों के झड़ने का तरीका कुछ इस तरह का होता है कि बाल सामने से न झड़कर बीच से झड़ना शुरू होते हैं। इसके उलट पुरुषों में सिर के पीछे और सामने के हिस्से से सबसे पहले बाल झड़ने शुरू होते हैं। आजकल बढ़ती उम्र के साथ बाल झड़ने के मामलों के लिए यही कारक सबसे ज्यादा जिम्मेदार माना जाता है। ट्रीटमंट की मदद से काफी हद तक बालों का झड़ना रोका जा सकता है।

कब बाल नहीं उग सकते
अगर कोई चोट लगने की वजह से सिर की स्किन में गहरा घाव हो गया है, तो बालों वाली सेल्स खत्म हो जाती हैं। ऐसे में उस स्किन पर बाल नहीं उगाए जा सकते। मेडिकल की भाषा में इसे स्केरिंग होना कहते हैं।

इसके अलावा बालों वाले छिदों में मवाद आने जैसी बीमारी होने पर दोबारा बाल उगाना मुमकिन नहीं होता।

जब तक फॉलिसिल ऐक्टिव है, एक हद तक बालों को झड़ने से रोकना और दोबारा बाल उगाना मुमकिन है।

कई बार बीमारी या किसी अन्य वजह से बाल झड़ जाते हैं। इसे ऐलोपीसिया एरोटा कहते हैं। ऐसे में ये बाल एक साल के अंदर खुद ही उग आते हैं।

प्रेगनंसी और बालों का झड़ना

प्रेगनंसी के दौरान शरीर में ऐस्ट्रोजन हॉरमोन के लेवल में बदलाव आता है। साथ ही महिला आयर्न की बेहतर खुराक लेती है। इसकी वजह से बाल मजबूत हो जाते हैं, लेकिन डिलिवरी के 3 महीने बाद बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। इसकी वजह एक बार फिर शरीर के हॉरमोन में होने वाला बदलाव है। प्रेगनंसी के दौरान कुछ हॉरमोन बालों के झड़ने के कारकों पर रोक लगा देते हैं, लेकिन डिलिवरी के ३ महीने बाद ये हॉरमोन्स नॉर्मल स्टेज पर आ जाते हैं। इस वजह से शेडिंग पीरिअड के बाल गिरने लगते हैं। इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। बालों का इस तरह से झड़ना अपने आप ठीक हो जाता है। बस बालों की सही केयर और अच्छी खुराक पर ध्यान दें।

डाइटिंग के फेर में बालों पर कहर

डॉक्टरों के मुताबिक हालिया मामलों में देखा गया है कि लड़कियां डाइटिंग के दौरान पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा नहीं लेतीं। ऐसे में शरीर के साथ-साथ बालों की सेहत पर भी असर होता है। शरीर में मौजूद पोषक तत्व पहले आम क्रियाओं के लिए यूज किए जाएंगे और बालों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाएगा। इस वजह से डाइटिंग के फेर में कमजोर बाल, सूखे बेजान बाल या बालों का झड़ना देखा जाता है। बेहतर होगा कि किसी डॉक्टर की देखरेख में डाइटिंग की जाए और इस दौरान जरूरी तत्वों में कमी न आने दी जाए।

क्या कहता है आयुर्वेद

आयुर्वेद बाल धोने के बाद तेल लगाने की हिमायत करता है। बालों में तेल लगाने से उनकी जड़ें मजबूत होती हैं। महाभृंगराज या ब्राह्माणी तेल से बालों को अच्छा पोषण मिलता है। इसमें त्रिफला मिला होता है, जो बालों की सेहत के लिए अच्छा है। भृंगराज तेल से बालों का कालापन भी बढ़ता है, हालांकि यह सफेद बाल काले नहीं कर सकता।

बाल झड़ने का रामबाण इलाज

तीन से चार चम्मच बेल पाउडर को रात में ठंडे पानी में भिगो दें। सुबह उसमें 10 से 15 ग्राम गुड़ मिला दें। इस पानी को बारीक सूती कपड़े से छान लें। इस घोल से बालों की जड़ों की लगभग 10 मिनट तक मालिश करें। ऐसा करने पर दो से तीन महीने के अंदर बाल झड़ने बंद हो जाएंगे। जब बालों का झड़ना रुक जाए तो फिर बालों में तेल लगाने लगें। इससे डैंड्रफ में भी फायदा पहुंचता है।

खुराक

ऐसी चीजों से परहेज करना चाहिए, जिनसे सर्दी, जुकाम, नजला होता है। सॉस, सिरका, ऑचार, नमक और खट्टी चीजें कम खाएं। बादाम, दूध, दही, घी, मक्खन का सेवन संतुलित मात्रा में करें।

खुश्की का इलाज

अगर बालों में खुश्की या किसी अन्य वजह से खुजली हो रही हो तो नीम के पत्तों को पानी में उबालें। उस पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर छान लें। इस पानी से सिर धोएं, खारिश दूर हो जाएगी।

बालों में दही या छाछ लगाने से बाल चिकने होते हैं।

बालों को रीठा-शिकाकाई से धोना भी एक अच्छा विकल्प है।

बालों की सेहत के लिए यह है सही डाइट

विटमिन ए

रोल: बालों समेत पूरे शरीर में सेल और टिशू की ग्रोथ और सेहत के लिए विटमिन ए जिम्मेदार होता है। जाहिर है, बालों और सिर की सतह के पोषण के लिए भी यही विटमिन जिम्मेदार है। इसकी कमी होने पर बाल झड़ने लगते हैं और डैंड्रफ की शिकायत हो जाती है।

सॉर्स: फल और सब्जियां, खास तौर पर गहरे हरे रंग की पत्ती वाली सब्जियां, दूध, लिवर, मछली का तेल, अंडा

विटमिन बी 6, फॉलिक ऐसिड, विटमिन बी 12

रोल : ये तीनों बी विटमिंस शरीर में रेड ब्लड सेल्स के बनने के लिए जिम्मेदार हैं। इनका रोल हीमॉग्लोबिन बनाने में होता है। मजबूत और स्वस्थ बालों के लिए खून और ऑक्सिजन की रेग्युलर सप्लाई खासी जरूरी है। इन बी विटमिंस की कमी से बालों की रंगत बिगड़ने लगती है और वे नष्ट होने लगते हैं। साथ ही दूसरे बाल उगने की स्पीड कम हो जाती है।

सॉर्स: बी 6 के लिए चिकन, फिश, लिवर, किडनी, सोयाबीन, बींस, साबुत अनाज, दालें, नट्स

फॉलिक ऐसिड के लिए पत्तेदार सब्जियां, संतरे का रस, दालें, चावल, गेहूं आदि

विटमिन बी १२ के लिए मीट, फिश, अंडा, दूध डेरी प्रॉडक्ट

बायोटिन

रोल : बायोटिन की डेली सप्लिमंट डोज लेने से बालों की सेहत पर साफ असर देखा जा सकता है।

सोर्स : अंडा, अनाज

विटमिन सी

रोल : विटमिन सी की कमी से बालों का टूटना बढ़ जाता है। स्मोकिंग करने वालों को नॉनस्मोकर्स की तुलना में विटमिन सी की मात्रा दोगुनी ज्यादा लेनी चाहिए।

सोर्स : सिट्रस ऐसिड वाले खट्टे फल मसलन संतरा, आंवला आदि, बेर, तरबूज, खरबूजा, गहरे रंग की पत्ते वाली सब्जियां, आलू, टमाटर

कॉपर

रोल : हीमॉग्लोबिन बनाने में सहायक होता है। बालों की जड़ों को खून की पर्याप्त सप्लाई में इसका अहम रोल है। कॉपर की कमी से बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं, जिससे बालों के झड़ने की रफ्तार बढ़ेगी।

सोर्स : लिवर, सी फूड, नट्स

आयर्न

रोल : रेड ब्लड सेल्स में आयरन का काम हीमॉग्लोबिन कोशिकाओं के लिए ऑक्सिजन पहुंचाने का होता है। आयर्न की कमी होने पर बालों का झड़ना बढ़ जाता है।

सोर्स : मीट, शाक सब्जी, मसलन पालक, बींस आदि

जिंक

रोल : जिंक की कमी होने पर डैंड्रफ और बालों का झड़ना बढ़ जाता है।

सोर्स : ज्यादातर नॉनवेज फूड सी फूड। अंडा और दूध में भी कुछ मात्रा में जिंक होता है। इसके अलावा साबुत अनाज से बने प्रडक्ट, नट्स

प्रोटीन

रोल : प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा न होने पर शरीर पुराने बालों के गिरने पर नए बाल उगाने में सक्षम नहीं होगा

सॉर्स : मीट, अंडा, मछली, दूध, चीज, सोयाबीन, दालें

विटमिन ई

रोल : यह विटमिन बालों की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार होता है। सिर की सतह पर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है।

सॉर्स : बींस, नट्स, गेहूं, पत्तेदार हरी सब्जियां

Leave a Reply