बाल बने रहेंगे काले, सिर्फ एक गोली रोज

बालों की सफेदी कभी बुढ़ापे का संकेत थी, लेकिन आज टीएनजर तक इसके शिकार हो रहे हैं। इस मुश्किल से अब बचने की उम्मीद दिखाई दे रही है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने एक गोली बनाई है, जो बालों की सफेदी से बचा देगी। कहा जा रहा है कि यह एक फल से बनाई गई है, लेकिन उस फल का नाम नहीं बताया गया है। दावा किया गया है कि रोजाना ली जाने वाली यह गोली महंगी नहीं होगी।

विदेशी मीडिया रपटों के मुताबिक, कॉस्मेटिक्स बनाने वाली एक ग्लोबल कंपनी की टीम ने यह गोली बनाई है। इस कंपनी के हेयर बायॉलजी डिपार्टमेंट के हेड ब्रूनो बर्नाड ने कहा कि इसे डायट सप्लिमेंट की तरह लेना होगा। हम सलाह देंगे कि यह गोली बाल पकने से पहले लें, क्योंकि हमें नहीं लगता है कि यह सफेद बालों को काला कर सकेगी।

बाल अमूमन तब पकने लगते हैं, जब वे ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस का शिकार हो जाते हैं। इस स्ट्रेस के तहत बालों की कोशिकाएं नुकसानदेह तत्वों का आसानी से शिकार हो जाती हैं। गोली इस प्रोसेस से सुरक्षा देगी।

बालों की पिगमेंट कोशिकाएं उम्र के साथ खत्म होने लगती हैं। इसकी वजह टीआरपी-2 एंजाइम की कमी। टीआरपी-2 जैसा सिंथेटिक ड्रग बनाने की जगह वैज्ञानिकों ने हजारों नैचुरल यौगिकों में इसे ढूंढा और आखिर एक फल में इसे पाया।

इस गोली का फॉर्म्युला मई 2013 में होने वाली साइंस कॉन्फ्रेंस मंे बताए जाने की उम्मीद है। करीब एक दशक के ट्रायल के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि गोली बिक्री के लिए चार साल में उपलब्ध होगी। बालों के पकने की प्रक्रिया समय ले सकती है। ऐसे में दवा वाकई कितनी असरदार है, इसका भरोसा दिलाने में वक्त लग सकता है। गोली सुरक्षित होगी या नहीं, इसकी जांच में सैकड़ों वॉलंटियर मदद कर रहे हैं।

ब्रैडफर्ड यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर स्किन साइंस के प्रो . डेस टोबिन ने पहली बार लैब में मानव बालों की पिगमेंट कोशिका तैयार की थी। उनका कहना है कि एंजाइम के जरिये मकसद सफल होगा या नहीं , अभी साफ नहीं है लेकिन बर्नाड की टीम इस दिशा में काम कर रही दुनिया की सबसे बड़ी टीमों में है। उन्हें बालों के बारे में अच्छा ज्ञान है। गौरतलब है कि दुनिया भर में बाल काले करने के चक्कर में अरबों रुपये फूंके जाते ह ैं।

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